सोमवार का व्रत हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और शुभ माना गया है। यह व्रत विशेष रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा पाने के लिए किया जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार यह व्रत खासकर श्रावण मास में करने से अनेक गुना फलदायी होता है।
व्रत आरंभ करने का शुभ समय
सोमवार व्रत को आरंभ करने के लिए कुछ विशेष मासों को श्रेष्ठ बताया गया है — जैसे चैत्र, वैशाख, श्रावण, कार्तिक और मार्गशीर्ष।
भविष्य पुराण में बताया गया है कि यदि चैत्र शुक्ल अष्टमी के दिन सोमवार और आर्द्रा नक्षत्र का संयोग हो, तो उस दिन से सोमवार व्रत की शुरुआत करना अत्यंत शुभ होता है।
व्रत के लाभ और मासानुसार पुण्यफल
हर मास में सोमवार का व्रत करने से विभिन्न प्रकार के पुण्य फल प्राप्त होते हैं। धर्म शास्त्रों में इनका विस्तृत वर्णन किया गया है:
- चैत्र मास: गंगा स्नान के समान पुण्य
- वैशाख मास: कन्यादान जितना पुण्य
- ज्येष्ठ मास: पुष्कर तीर्थ में स्नान करने का फल
- आषाढ़ मास: यज्ञ करने के समान पुण्य
- श्रावण मास: अश्वमेध यज्ञ के बराबर फल
- भाद्रपद मास: गोदान जैसा महादान फल
- आश्विन मास: सूर्य ग्रहण पर कुरुक्षेत्र में स्नान जैसा पुण्य
- कार्तिक मास: विद्वान ब्राह्मण को दान देने जैसा फल
- मार्गशीर्ष: काशी में चंद्र ग्रहण के दौरान गंगा स्नान समान फल
- माघ मास: दूध एवं गन्ने के रस से स्नान करके ब्रह्माजी की पूजा का फल
- फाल्गुन मास: गौदान के बराबर पुण्य प्राप्त होता है
सोमवार व्रत की विधि
सोमवार व्रत सामान्यतः दोपहर या तीसरे पहर तक किया जाता है। इस व्रत में भक्त फलाहार या जूस आदि ले सकते हैं, लेकिन दिन में केवल एक बार भोजन करना आवश्यक माना गया है।
व्रत के प्रकार:
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प्रति सोमवार व्रत
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सौम्य प्रदोष व्रत
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सोलह सोमवार व्रत
इन तीनों व्रतों की पूजा विधि लगभग एक जैसी होती है। व्रत के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है और उसके बाद सोमवार व्रत कथा सुनी जाती है। हालांकि, प्रत्येक व्रत (सौम्य प्रदोष, सोलह सोमवार) की कथा अलग-अलग होती है, जिनका श्रवण आवश्यक माना गया है।
पूजा सामग्री और विशेष नियम
पूजा में आवश्यक सामग्री:
- बेलपत्र, दूध, दही, शहद, घी, गंगाजल
- सफेद फूल, अक्षत (चावल), धूप, दीप, रूई की बत्ती
- भस्म/राख, जल से भरा कलश, फल व मिठाई
महत्वपूर्ण नियम:
- व्रत के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें
- झूठ, छल-कपट, क्रोध और द्वेष से दूर रहें
- पूजा के बाद शिव मंत्रों का जाप करें — जैसे:
“ॐ नमः शिवाय”, “महा मृत्युंजय मंत्र” आदि
शिव कृपा से पूर्ण होती हैं मनोकामनाएं
जो भक्त श्रद्धा व नियमपूर्वक सोमवार व्रत करते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। विशेष रूप से यह व्रत संतान सुख, वैवाहिक सुख, आर्थिक समृद्धि और मानसिक शांति के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है।
सोमवार का व्रत केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आत्म-शुद्धि, संयम और भक्ति का मार्ग है। यदि इसे विधिपूर्वक किया जाए, तो भगवान शिव की अनंत कृपा प्राप्त होती है। इस व्रत से न केवल वर्तमान जीवन संवरता है, बल्कि आत्मा को आध्यात्मिक उन्नति भी प्राप्त होती है।

