Email

contact@kubermarg.in

आरती श्री गणेश जी की

आरती श्री गणेश जी की

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।
जय गणेश, जय गणेश……………

पान चढ़ें, फूल चढ़ें, और चढ़ें मेवा
लड्डुवन का भोग लगे, संत करें सेवा।
जय गणेश, जय गणेश…………….

एकदन्त, दयावंत, चार भुजा धारी
मस्तक सिन्दूर सोहे, मूषक की सवारी।
जय गणेश, जय गणेश……………

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया।
जय गणेश, जय गणेश……………..

हार चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा
सूरश्याम शरण आए, सुफल कीजे सेवा।
जय गणेश, जय गणेश………………..

दीनन की लाज राखो, शम्भु सुत वारी
कामना को पूरा करो, जग बलिहारी।
जय गणेश, जय गणेश……………..

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top